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असली राम कौन है ?

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          असली राम कौन है ? असली राम कौन है ?  प्रशन:- क्या अयोध्या वाले राम असली राम है ? उत्तर :- नही असली राम अयोध्या वाले राम नही असली राम तो आदि नाम है जिसका भेद तत्व को जानने वाला तत्व दर्शी संत ही बता सकता है। वह आदि राम कौन हैं कैसा किसने देखा है ये सब जानकारी हमे हमारे वेदों शास्त्रों में छुपी है ।वह असली राम जिसने सृष्टि की रचना की 6 दिन रचना की और 7 वे दिन विश्राम किया। हमारे गीता वेदों शास्त्रों में प्रमाणित किया है कि वह असली राम ही पूरी सृष्टि की का रचनाकार है हम सब जीव जंतु मनुष्य पूर्ण राम की आदि राम पूर्ण परमात्मा की प्यारी आत्माये है हम सब के पिता है । उनका जन्म नही होता हो सशरीर आते हैं और सशरीर जाते हैं उनका कभी जन्म म्रुत्यु नही होता वह अविनाशी परमात्मा है जब कि अयोध्या के श्री राम जिन्हें हम मर्यादा पुरुषोत्तम कहते है उन्होंने तो माता कौसल्या से जन्म लिया और उनकी मृत्यु भी हुइ। तो वह अविनाशी परमात्मा कैसे हुए ?  वह अविनाशी परमात्मा कौन है ?  जिनका कभी जन्म मृत्यु नही होता जानने के लिए हमे तत्व दर्शी संत की तलाश कर उनसे से पूर...

ज्ञान और विज्ञान

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ज्ञान और विज्ञान में अंतर विज्ञान का अर्थ है दुनिया में उपस्थित कई वस्तुओं की तमाम जानकारी हासिल करना। यदि ज्ञान को जाने तो ज्ञान का मतलब है भगवान में अस्था व आध्यात्मिक जानकारी चरित्र का निर्माण करना है  । कहते हैं कि इस लोक में 84 लाख योनियों है  जिसे प्रत्येक आत्मा को कर्म के हिसाब से भोगनी होती है, मनुष्यों आपने दिमाग के जरिये किसी वस्तु का अस्तित्व की जानकारी प्राप्त करना विज्ञान है। अब अगर ज्ञान और विज्ञान की आपस में तुलना करें तो वह कुछ ऐसी होगी।                                👇🏻👇🏻👇🏻 हाइड्रोजन के दो कण जब ऑक्सीजन के संपर्क में आते हैं तो पानी बनता है-यह विज्ञान है, लेकिन इस पानी से जीव- आत्मा की प्यास बुझती व आवश्यकता पूरी होती है-यह ज्ञान है। विज्ञान की दिशा ज्ञान है जहाँ विज्ञान खत्म होता है वह से ज्ञान की शुरुआत  होती है। विज्ञान एक खोज है। जिसकी पहल वैज्ञानिक करते रहते हैं। कहते हैं कि भौतिक उपलब्धियां विज्ञान का सच नहीं हैं, आत्म तत्व ही विज्ञान का सच है। विज्ञान ने अब तक प्र...

भगवान की भक्ति

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  भक्ति करने से क्या होता है     सतभक्ति क्या है ?? हमारे पवित्र शास्त्रों के अनुसार प्रमाणित भक्ति हि सतभक्ति है । पूर्ण परमात्मा की सतभक्ति करने से मनुष्य का जीवन सफल हो सकता है। इस काल लोक मैं जन्म मरण के क्रष्ट में मनुष्य उलझा हुआ है यह किसी प्रकार का सुख नही है । कई परेशानियों से इंसान घिरा हुआ है कोई घर के किसी प्रकार के कलेश से परेशान हैं तो कोई महामारी या भयानक बीमारी से जूझ रहा है कोई माया में उलझा हुआ है तो कोई बेरोजगार से परेशान हैं यहाँ एक पल की सुख शांति नही है । मनुष्य सुख शांति के लिए ब्रह्मा विष्णु महेश वो कई देवी देवताओं की इतनी भक्ति करते हैं फिर भी मनुष्य इतना दुःखी है क्योंकि उनके पास सतभक्ति नही है  पूर्ण परमात्मा का ज्ञान नही है। पूर्ण परमात्मा की सतभक्ति करने से मनुष्य का जीवन सफल होता है यहाँ सब अनजान हैं सतभक्ति से अपरिचित है जन्म मरण के कष्ट से पूर्ण परमात्मा के ज्ञान से आज का मनुष्य अपरिचित है।क्योंकि आज तक हमे शस्त्र विरुद्ध साधना बताई। परन्तु सतभक्ति करने से मनुष्य के पाप कर्म भी वह परमात्मा काट सकता है। पूर्ण परमात्मा की सतभक्ति करने से ...

नास्तिकता

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   चीन नास्तिक क्यों बना इस सृष्टि का निर्माण पूर्ण परमात्मा ने किया है व मनुष्य को बनाने वाला भगवान है। चीन में महात्मा बुद्ध ने भगवान प्राप्ति के लिए कई वर्षों तक हठयोग किया। जो कि हमारे पवित्र शास्त्रों के विरुद्ध है। पवित्र श्री मद्भागवत गीता जी में अध्याय 17 श्लोक 5 में गीता जी के ज्ञान दाता ने हठयोग करने को मना किया है। महात्मा बुद्ध ने शास्त्र विरुद्ध भक्ति करी व मन माना आचरण किया। जिससे उन्हें परमात्मा की प्राप्ति नही हुई। पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति शास्त्रों के अनुसार सतभक्ति करने से होती है  कबीर साहेब जी अपनी वाणी में बताते हैं👇🏻 वेद मेरा भेद है, मै ना वेदन के माही  जोन वेद से मैं मिलूं, वह वेद जानते नहीं। पूर्ण परमात्मा सतभक्ति करने से हि प्राप्त होते हैं। महात्मा बुद्ध को सतभक्ति का ज्ञान नही था। वह मनमाना आचरण करते थे। व्रत , तप , हठयोग करते थे । वे मोक्ष प्राप्त करना चाहते थे परंतु उन्होंने शास्त्र अनुसार भक्ति त्याग कर मनमाना आचरण किया । जिससे वह परमात्मा की सतभक्ति से व पूर्ण मोक्ष से वंचित रहे है। जिससे उनका मन परमात्मा की भक्ति से दूर हो गया और व...

बाईबल

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                      बाईबल पवित्र बाइबल में प्रमाण है सब का मालिक एक है व सशरीर है जिसने 6 दिन में सृष्टि रची और सातवें दिन विश्राम किया वह पूर्ण परमात्मा मनुष्य की तरह से सदृश्य है।   पवित्र कुरान शरीफ सूरत फुरकनी 25 आयत न. 52 ,58,59 में प्रमाण है कि हजरत मोहम्मद जी का खुदा कह रहा है की जो तुम्हें कबीर अल्लाह मिला  वही अल्हहुअकबर है पूरी सृष्टि का रचना कार।वह अविनाशी परमात्मा हैजो मनुष्य के सभी पाप क्रम नष्ट करता है। आज तक हम ने बस यही सुना है कि जो जैसा कर्म करता है वही भोगता है परन्तु कुरान शरीफ मैं हजरत मोहम्मद जी को उनका खुदा कह रहा है कि वह पाप कर्म को काटने वाला अविनाशी परमात्मा कबीर अल्लाह प्रभू है। आज तक नकली धर्म गुरुओं व हकीमो ने हमे यही बताया गया की अल्लाह निराकार है अदृश्य है वह अल्लाह का बस प्रकाश ही है परंतु हमारे शास्त्रों पुराणों के अनुसार वह पूर्ण परमात्मा साकार है जो अविनाशी है और अमर लोक में रहता है हम भी वही के वासी है लेकिन हमारी मूर्खता के कारण यह काल लोक भोग रहे हैं  यह ज्ञान आज तक हमे कि...

सत्संग

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                                  सत्संग पूर्ण संत के सत्संग सुनने से हमे आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त होता है पूर्ण परमात्मा की जानकारी प्राप्त होती है की पूर्ण परमात्मा कौन है ? कहा रहता है ? कैसे मिलता है ? और किंसने देखा है ? पूर्ण संत के सत्संग से हमे हमारे वेदों शास्त्रों में छुपे गूढ़ रहस्यों का पता चलता है। सत्संग सुनने से हमारे अंदर के कई बुरे विकार नष्ट होते हैं व कई बुराइयां नष्ट होती है। एक पूर्ण संत के सत्संग सुनने से मनुष्य परमात्मा के ज्ञान व आद्यात्मिकज्ञान से परिचित होता है व सर्व बुराई को नष्ट कर भगवान की सेवा , भक्ति करता है व पूर्ण संत के बताए नेक मार्ग पर चल कर आपना जीवन सफल बनाता है सत्संग सुनने के मनुष्य में उपस्थित काम, क्रोध, लोभ व Y खत्म हो जाते हैं जिससे मनुष्य को होने वाली हानि भी पूर्ण परमात्मा टाल देते हैं सत्संग से हमे ज्ञान होता है कि हमे मोक्ष कैसे प्राप्त होगी पूर्ण संत की पहचान होती है।जो हमे सत भक्ति देकर मोक्ष की राह बताते हैं और हम उस राह पर चल कर इस जन्म मरण से छुटकारा ...